Rajgarh, M.P.:- Dusherra celebrated at Rajgarh Centre.

*अस्वच्छता,बीमारियां, वेर, नफ़रत को दग्ध कर मनाया विजय पर्व*
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय “शिव वरदान भवन” ,भंवर कॉलोनी राजगढ में विजय दशमी पर्व मनाया गया । ब्रम्हाकुमारी नम्रता दीदी ने दशहरे का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए कहा कि रावण के 10 सिर अर्थात काम ,क्रोध, लोभ ,मोह ,अहंकार ,ईर्ष्या , नफरत ,घृणा ,द्वेष ,वेर को जब हम खत्म करेंगे तो ही हम सच्चे अर्थों में दशानन रावण का खात्मा कर पाएंगे क्योंकि एक रावण आज हर एक मानव के अंदर भी विराजीत है। मानव मन के अंदर लोभ वृत्ति के कारण आज समाज में नफरत ,अस्वच्छता ,बीमारियां बढ़ती जा रही है जब हम हमारे अंदर के रामत्व अर्थात अच्छाइयों को जागृत करेंगे तो ही हम विजय प्राप्त कर पाएंगे ।
राजगढ़ जिला प्रभारी ब्रह्माकुमारी मधु दीदी ने भी सबको दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए बताया कि हम मर्यादाओं की लकीर के अंदर रहेंगे, आत्मा की शुद्धि, मन की पवित्रता और वाणी मे संयम रखेंगे तो विकारों रूपी रावण से सुरक्षित रहेंगे। इस अवसर पर नाटिका के माध्यम से अज्ञानता की नींद में सोए हुए कुंभकरण को ज्ञान अमृत द्वारा जगाया गया। शिव वरदान भवन के प्रांगण में सभी ने दशानन रावण को जलाया तथा विकारों को छोड़ने की प्रतिज्ञा ली। इस अवसर पर जिले में संचालित ब्रह्माकुमारी आश्रमों की सभी ब्रम्हाकुमारी बहने तथा संस्था से जुड़े हुए शहर एवं गांव-गांव के सदस्य उपस्थित रहे।